आज दुनियां का ऐसा कोई भी सफल व्यक्ति नहीं होगा या होगी जो सिर्फ अपने प्रयासों को असफलता से न जोड़े। बीना संघर्ष कोई महान नहीं होती और बीना कुछकिए जय जय कार नहीं होता। आज का ब्लॉग असफलता की अंतिम सीढ़ी जो सफलता के लिए किए गए संघर्ष को बया करेगी।
आज का दौर इतना तकनीकी मशीनों और सुविधाओं से सुसज्जित हैं की। संघर्ष का अर्थ ही बदल गया। शिक्षा का स्तर नीचे गिर गया है। आज यदि आपको सफल होना है तो अपने आप और अपने इंद्रियों से लड़ने की आवश्यकता हैं ना की अपने अपने दुश्मन से,
सफल होना है तो प्रॉपर रूटिंग फॉलो करना होगा,
अपने जीवन शैली को सुधारना होगा।
इतनी बेसिक चीजों को भी सुधार कर सफलता को पाया जा सकता हैं जैसे की।
आज का व्यक्ति अपने मस्तिष्क को अपने जेब में रखकर चलता है।
और यदि जेब फटी हो तो ओ मस्तिष्क कही गिर सकता हैं,
तो ये जो आदत है बार बार किसी निर्जीव वस्तुओं पर निर्भर रहने की, ये कही न कही आपको सफलता के मार्ग से पूरी तरह भटका रही हैं। इससे बचने की आवश्यकता है।
ऐसा जरूरी नहीं हैं की सफल व्यक्ति का सर्टिफिकेट ही उसे सफलता का एहसास दिलाए बल्कि,
विश्व का हर ओ व्यक्ति अपने आप को बुरी आदतों से बचा कर और अपने लक्ष्य पर ध्यान रखकर अपने आप को सफल महसूस कर सकता हैं।
जैसे की एक विद्यार्थी जब भी अभ्यास करता है तो उसे कई दिक्कतों का सामान करना पड़ता हैं जो की डिस्ट्रक्शन माना जाता हैं। और आजकल के विद्यार्थी शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर होते जा रहे है, जो कही न कही आनेवाले समय में उन्हें कई अपने निजी जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं,
एक योग करने वाला योगी भी अपने मन से संघर्ष कर रहा हैं जो न जाने कई वर्षों का परिणाम ही उसे सफल बना सकती हैं। बार बार प्रयास और साधना से उसे तत्त्व ज्ञान की प्राप्ति होती है जो उसे सफल बनाती हैं।
तो कहने का अर्थ यह है की जीवन को आसान तब जिया जा सकता हैं जब आप या मै संघर्ष को ही सच्चा साथी माने। और कठिनाई को मुस्करा कर स्वीकार करे,
तो एक दिन न एक दिन सफलता जरूर मिलेगी
वैसे तो हमारे देश में सफल व्यक्ति के अनेक उदाहरण हैं उनमें से एक हैं
एपीजे अब्दुल कलाम जो हमारे भारत के उन वैज्ञानिक में गिने जाते है जो देश को अपना हर समय दे दिए, उनके जीवन में भी हजारों समस्याएं आई लेकीन हौसला कभी नहीं हरे।
लता मंगेशकर जी जो भारत की सबसे सुंदर गायिका।
उनके बचपन के दिन बड़ा ही कष्टों से भरा है परंतु कहते हैं न की कोशिश करने वाले की हार नहीं होती,
ये सारे उदाहरण के अलावा हम अपने पिता और माताजी के संघर्ष के दिनों से उदाहरण ले सकते है।
आशा करता हूं आप या मै फिर उसी उत्साह से अपने जीवन में आनेवाले चैलेंज को स्वीकारे और आगे बढ़े
धन्यवाद